Dhanteras 2023: कौन हैं धन्वंतरि देव?जानें धनतेरस पर क्यों की जाती है इनकी पूजा

माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर, और भगवान धन्वंतरि की पूजा धनतेरस के दिन की जाती है।

इस दिन माना जाता है कि माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा से धन-संपदा में वृद्धि होती है।

इस साल 10 नवंबर को धनतेरस है। इस दिन को धनतेरस या धनत्रयोदशी कहा जाता है

धार्मिक ग्रंथों में मिलने वाली पौराणिक कथा के अनुसार धन्वंतरि का प्रादुर्भाव समुद्र मंथन से हुआ था

इन्हें आयुर्वेद के प्रणेता और चिकित्सा क्षेत्र के देवता के रूप में माना जाता है। भगवान धन्वंतरि को आरोग्य प्रदान करने वाले देवता कहा जाता है।

धार्मिक दृष्टिकोण से इनका पूजन करने से रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है और आरोग्य में सुधार होता है।

धनतेरस पर धन्वंतरि देव की पूजा क्यों की जाती है?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के द्वारा देवताओं और दानवों ने अमृत प्राप्ति के लिए कई रत्न प्राप्त किए। इस प्रक्रिया के अंत में, भगवान धन्वंतरि ने अपने हाथों से अमृत कलश को प्राप्त किया था

इसलिए करते हैं धनतेरस पर खरीदारी

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुओं में तेरह गुणा वृद्धि होती है, इसलिए धनतेरस के दिन लोग पीतल और तांबे के पात्रों को छोड़कर सोने और चांदी की वस्तुएं खरीदने की परंपरा बनाए रखते हैं।